बड़ी खबर – ट्रेन की चपेट में आने से मेडिकल छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
घटना की जांच करने एफएसएल टीम घटनास्थल पर पहुंची


मृत मेडिकल छात्र पटना गर्दनीबाग निवासी चिकित्सक का पुत्र
नारद टाइम्स/डुमरांव/बक्सर :- दानापुर मंडल के डुमरांव स्टेशन के समीप ट्रेन की चपेट में आने से 22 वर्षीय एक मेडिकल छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई । जिसकी पहचान पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के न्यू अल्कापुरी निवासी डा. रजनीश कुमार के बड़े पुत्र हर्ष आनंद के रूप में हुई है । जो गया मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र था । वहीं उसके पिता चानन(बांका) रेफरल अस्पताल में चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं । रेल सूत्रों के अनुसार यह घटना बुधवार की देर शाम स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर पूरब पोल संख्या 643/9-11 के बीच हथेलिपुर मठिया गांव के नजदीक अप लाइन की है । जहां 53201 पटना-बक्सर फास्ट पैसेंजर से यात्रा के दौरान ट्रेन से गिरकर मेडिकल छात्र की मौत हो गई । इस घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी थानाध्यक्ष मनीष कुमार रेल यात्री कल्याण समिति अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह एवं जीआरपी व आरपीएफ की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे । वहीं वरीय अधिकारीयों के निर्देश पर रेल थानाध्यक्ष आरा रणधीर कुमार पूरे दल-बल के साथ घटना के कारणों की जांच करने पहुंचे ।

मोबाइल बंद होने पर परिजनों ने दी रेलवे कंट्रोल व रेल पुलिस को सूचना
विदित हो की ट्रेन से यात्रा के दौरान अपने पिता से वीडियो कॉल पर बात करने के क्रम में हर्ष का मोबाइल अचानक बंद हो गया । मोबाइल बंद होने से पहले वह जल्द ही पटना पहुंचने की बात बता रहा था । साथ ही वह काफी परेशान भी दिख रहा था । पुत्र के घर आने का इंतजार कर रहे पिता ने विलंब होने पर रेलवे कंट्रोल से संपर्क साधा । साथ ही इस घटना की सूचना पटना रेल थाने को दिया । तकनीकी जांच के आधार पर उसके मोबाइल के लोकेशन का पता लगाया गया । जो डुमरांव स्टेशन के समीप बता रहा था । जिसके बाद बक्सर रेल पुलिस डुमरांव पहुंची । जहां हथेलिपुर मठिया गांव के समीप उसका मोबाइल रेलवे ट्रैक के पास मिला । वहीं कुछ दूर पर उसकी डेड बॉडी अप और डाउन ट्रैक के बीचोबीच मिली ।

पुत्र के शव की शिनाख्त के लिए पिता पहुंचे घटनास्थल
गुरुवार की सुबह घटनास्थल पर बदहवास स्थिति में पहुंचे मृतक के पिता डा. रजनीश कुमार ने उस शव की शिनाख्त अपने बड़े पुत्र हर्ष आनंद के रूप में की । पुत्र का शव ट्रैक पर पड़ा देख पिता अपना होश खो बैठे । जिनको संभालते हुए उनके छोटे भाई तथा पटना पारस हॉस्पिटल में चिकित्सक रूप में कार्यरत मृतक हर्ष के चाचा डा. विद्यासागर ने काफी भावुक होते हुए बताया की हर्ष उनके खानदान का सबसे बड़ा पुत्र था साथ ही वो काफी होनहार भी था । अभी कुछ दिन पहले उसने एग्जाम क्वालीफाई कर गया मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन लिया था । मृतक के पिता के मन में बार-बार यह सवाल आ रहा था की उसका पुत्र डुमरांव कैसे पहुंचा । जबकि वह गया से पटना आ रहा था । इन्हीं सब बिंदुओं को ध्यान मे रखकर रेल पुलिस ने एफएसएल टीम को घटनास्थल पर बुलाया ।

जहां एफएसएल टीम मृतक के ब्लड सैम्पल और उसके मोबाइल को जांच के लिए अपने साथ फॉरेंसिक लैब ले गई । इस दौरान घटनास्थल पर जांच के लिए जीआरपी रेल निरीक्षक रीतेश कुमार सिंह तथा आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी कुंदन कुमार के साथ जीआरपी व आरपीएफ के कई पदाधिकारी मौजूद थे । वहीं इस पूरी घटना की मॉनिटरिंग रेल डीएसपी कंचन राज घटना के प्रथम सूचना के बाद से ही कर रही थी ।